रांची, अगस्त 24 -- रांची, विशेष संवाददाता। दवा आपूर्ति पूरी होने के वर्षों बाद भी भुगतान नहीं किए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने गोड्डा के सिविल सर्जन का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने पामा फार्मास्युटिकल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि याचिकाकर्ता की ओर से दवाओं की आपूर्ति पूरी कर दी गई थी। इसके बावजूद लंबे समय से उसका भुगतान लंबित रखा गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सिविल सर्जन, गोड्डा की ओर से बिना कोई स्पष्ट कारण बताए भुगतान रोक दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अफसर रजा ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि काम पूरा होने और दवा की आपूर्ति किए जाने के बावजूद भुगतान रोककर रखना मनमाना और अन...