गोरखपुर, मई 30 -- गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता पूर्वी यूपी और पश्चिमी बिहार में गॉल ब्लेडर (पित्ताशय) में पथरी और कैंसर के मामले देश के अन्य हिस्सों की अपेक्षा अधिक मिलते हैं। गॉल ब्लेडर में कैंसर की पहचान अब खून और यूरिन के जांच से हो सकती है। कैंसर होने पर खून, लिवर और किडनी का फंक्शन बिगड़ जाता है। यह सामने आया है दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) विभाग व हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल के संयुक्त रिसर्च में। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल डिस्कवर आंकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। यह जर्नल स्प्रिंगर नेचर से जुड़ा है。

शोध की पृष्ठभूमि रिसर्च में डीडीयू के बायोटेक्नोलॉजी के प्रोफेसर शरद मिश्रा, शोधार्थी प्रिया साहनी, कैंसर अस्पताल के रेडियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. चक्रपाणी अवस्थी शामिल रहे। शोध में बताया गय...