सिमडेगा, मार्च 18 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। शहर में इन दिनों गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों के साथ-साथ मजदूर वर्ग की परेशानी को और बढ़ा दिया है। रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों पर इस संकट का सीधा असर देखने को मिल रहा है। गैस की कमी के कारण शहर में समोसा, कचौड़ी और धुसका जैसे सस्ते और पेट भरने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। ठेला और छोटे दुकानदार अब प्रति पीस तीन रुपये तक ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं। जिससे मजदूरों के लिए दो वक्त का भोजन भी महंगा पड़ने लगा है। वहीं गैस नहीं मिलने से डेली मार्केट में भरत द्वारा संचालित निशुल्क दाल-भात केंद्र भी पिछले चार दिन से बंद हो गया है। यह केंद्र रोजाना दर्जनों मजदूरों के लिए सहारा था। जहां उन्हें मुफ्त में भरपेट भोजन मिल जाता था। केंद्र के बंद होने से मजदूरों को अब दोपहर के भोजन के लिए भट...