लखीसराय, मार्च 15 -- लखीसराय, कार्यालय संवाददाता। रसोई गैस की बढ़ती कीमत और समय पर सिलेंडर नहीं मिलने की समस्या के कारण जिले के कई घरों और छोटे होटलों में अब एक बार फिर लकड़ी के चूल्हे जलने लगे हैं। खासकर गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों ने गैस की जगह पारंपरिक साधनों से भोजन बनाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि रसोई गैस अब इतनी महंगी हो गई है कि रोजमर्रा के उपयोग के लिए इसका इस्तेमाल करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। ऐसे में वे गैस का उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में ही करते हैं। कई परिवारों ने बताया कि यदि घर में कोई मेहमान आ जाए या किसी विशेष अवसर पर जल्दी भोजन बनाना हो तभी गैस का उपयोग किया जाता है, अन्यथा लकड़ी के चूल्हे पर ही खाना बनाया जाता है। कुछ गरीब परिवारों की महिलाओं ने बताया कि व...