सीतामढ़ी, मार्च 30 -- सीतामढ़ी। सरकार द्वारा जारी नए नियम व मध्य-पूर्व में तनाव और युद्ध की स्थिति से गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। जिससे खासकर व्यवसायिक गैस आपूर्ति काफी प्रभावित हुई है। जिसका असर रसोई गैस सिलेंडर पर भी पड़ा है। गैस सिलेंडरों की किल्लत का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक एलपीजी की अनियमित आपूर्ति की वजह से विकल्प के तौर पर एक बार फिर से लोग पारंपरिक ईंधनों जैसे लकड़ी और कोयला की ओर रुख कर रहे हैं। अचानक से बढ़ी मांग ने जलावन की कीमतों में अचानक तेज उछाल ला दिया है। बाजार में जलावन की कीमतें दो गुना तक बढ़ गई हैं। जो लकड़ी पहले आसानी से और सस्ते दामों पर उपलब्ध थी, अब वही सीमित मात्रा में ऊंची कीमतों पर बिक रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां पहले से ही जलावन का उपयोग अधिक होता ह...