हजारीबाग, मार्च 14 -- हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। रसोई गैस की किल्लत का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है। गैस सिलेंडर को लेकर सबसे अधिक परेशानी गरीब परिवारों, बुजुर्गों और अकेले रहने वाली महिलाओं को हो रही है। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि यदि गैस की नियमित आपूर्ति नहीं हो तो खाना पकाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर बाजार और मेडिकल सेक्टर में भी इसका असर आंशिक रूप से दिखने लगा है। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग एलपीजी सिलेंडर को लेकर काफी सशंकित हैं। वैकल्पिक इंधन पर भी जोर दिया जा रहा है। लोग लकड़ी, कोयला का सहारा ले रहे हैं। उज्ज्वला योजना के लाभुकों का कहना है कि गैस की आपूर्ति में अनियमितता से उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक परेशानी उन बुजुर्गों को हो रही है जो अकेले रहते हैं। कई बुजुर्गों ने बताया कि अभ...