अयोध्या, मार्च 15 -- अयोध्या | संवाददाता। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के चलते उत्पन्न हुए तेल व प्राकृतिक गैस के वैश्विक आपूर्ति संकट की आँच अब रामनगरी अयोध्या के मंदिरों तक पहुँच गई है। ईंधन गैस की किल्लत के कारण अधिकांश मंदिरों में भगवान का भोग-प्रसाद और साधु-संतों का भोजन लकड़ी के परंपरागत चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है। यह हाल तब है जब मंदिरों में मध्याह्न राजभोग के रूप में भगवान के लिए संपूर्ण भोजन प्रसाद बनाया जाता है, सायंकाल दूध व अन्य पेय पदार्थों का भोग लगाया जाता है, जबकि प्रातःकाल बालभोग में पोहा, चना या विशेष नाश्ता तैयार होता है। साधु-संतों व परिकरों के लिए दोपहर के शेष भोजन के अतिरिक्त एक दाल या सब्जी बनाई जाती है।मंदिर प्रमुखों ने बताया हाल मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा,' भगवान का काम भग...
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