नई दिल्ली, अगस्त 14 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गैर डेयरी पनीर (एनालॉग पनीर) के उत्पादन, लाइसेंस, बिक्री और इस्तेमाल से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संज्ञान लिया। आयोग ने खास तौर पर इस उत्पाद में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, उसकी पोषण गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। साथ ही, उपभोक्ताओं को इसकी सही जानकारी दिए जाने पर भी सवाल किया। एनएचआरसी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से भी एनालॉग पनीर के उत्पादन, आपूर्ति, बिक्री और खाने-पीने की जगहों पर इसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी मांगी। एनएचआरसी के अनुसार, आयोग की पीठ यह जानना चाहती है कि सामान्य दूध से बनने वाले पनीर से काफी अलग किसी उत्पाद को पनीर के विकल्प के रूप में बनाने और बेचने की अनुमति देने के पीछे नियम और पोषण से जुड़ा क्या आधार है? आयोग ने भारत...