गैरसैंण, अक्टूबर 28 -- उत्तराखंड सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक सदन के पटल पर पेश कर दिया है। नए संशोधन विधेयक के तहत यदि कोई अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान नियमों का उल्लंघन कर धार्मिक शिक्षा प्रदान करता पाया गया, तो उस पर पांच लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा और संस्थान में तालाबंदी की जाएगी। इसके साथ ही सदन में नौ और विधेयक सदन में पेश किए गए। विधेयक की धारा 16 में यह संशोधन सख्त कार्रवाई के प्रावधान करता है। प्राधिकरण को अधिनियम की धारा 3(1) का उल्लंघन कर धार्मिक शिक्षा देने या धारा 14 की शर्तों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है, तो जांच के बाद संस्थान को सील किया जा सकेगा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अलावा रिसीवर नियुक्त किया जा सकेगा और आपराधिक कृत्य मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी। हालांकि...