कुशीनगर, अप्रैल 22 -- कुशीनगर, हिन्दुस्तान टीम। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो परमेश्वर प्रसाद ने हाटा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 22 साल पूर्व हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में दो आरोपियों को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सुजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि देवरिया गांव के प्रधान रामकृष्ण गोंड ने हाटा कोतवाली में तहरीर सौंप बताया कि 22 मार्च, 2004 की रात में नौ बजे सुदामा, रामायण, इंद्रजीत पुत्रगण शिवमूरत शर्मा अमित उर्फ मंतोष आपस में पारिवारिक विवाद कर रहे थे कि इसी दौरान किसी ने सुदामा को चारपाई के पाया से सिर पर मार दिया। यह भी पढ़ें- गैर इरादनत हत्या में तीन लोगों को दस साल की सजा सुदा...