हरिद्वार, सितम्बर 25 -- वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विद्या भारती के सौजन्य से सरस्वती शिशु मंदिर गैंड़ीखाता में सामूहिक गान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। मुख्य अतिथि कृष्णन गौशाला के प्रबंधक अनंतानंद महाराज ने मातृशक्ति से अपने बच्चों को वंदे मातरम गीत कंठस्थ कराने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज गेंड़ीखाता के प्रधानाचार्य भानु प्रताप शर्मा ने विद्यार्थियों को वंदे मातरम के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में जोश भरने के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने सात नवंबर 1875 को वंदे मातरम गीत की रचना की थी। यह भी पढ़ें- 150 वर्षों की राष्ट्रीय चेतना को नमन, एक स्वर में गूंजा 'वंदे मातरम्' वर्ष...