देहरादून, फरवरी 17 -- Gangster Vikram Shamra Case: झारखंड का कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा उत्तराखंड में सिर्फ छिपा नहीं था, बल्कि यहां के सिस्टम ने उसे पाल-पोसकर और मजबूत किया। विक्रम हत्याकांड की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि जिस पिस्टल को वह अपनी सुरक्षा के लिए रखता था, उसका लाइसेंस उसे ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन से मिला था। इतना ही नहीं उसने वहीं से स्टोन क्रशर का लाइसेंस भी हासिल कर लिया था। सवाल यह उठ रहा है कि जिस शख्स पर झारखंड में हत्या समेत तमाम गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हों। वर्ष 2014 से 2017 तक उत्तराखंड, खासकर देहरादून को अपनी पनाहगाह बनाने के बाद झारखंड पुलिस के हत्थे चढ़ा हो, उसने वर्ष 2021 में जेल से छूटने के बाद फिर यहां अपनी जड़ें कैसे मजबूत कर ली। स्टोन क्रशर लाइसेंस और असलहे के लाइसेंस देते वक्त तमाम सत...