एटा, मार्च 16 -- विशेष लोक अभियोजक रक्षपाल सिंह शाक्य के अनुसार आरोपी अंजू, शालू पुत्र बदन सिंह यादव निवासी दरबपुर पिलुआ, राजेश पुत्र प्रेमपाल निवासी जेमिसपुर सिकंद्राराऊ हाथरस पर साल 2008 में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। सोमवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील पेश की। दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश स्पेशल गैंगस्टर कोर्ट कमालउददीन ने तीनों आरोपियों को दोषी माना। दोषी को अंजू को पांच साल की सजा और दस हजार के अर्थदंड, शालू, राजेश को तीन-तीन साल, दस हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर 15 अतिरिक्त जेल में रहना होगा।

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