अररिया, मई 7 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि जिले में किसानों के द्वारा गेहूं फसल तैयार कर लिया गया है। खेत अभी खाली पड़े हैं। आम तौर पर किसान गेहूं के बाद खेतों में धान लगाते हैं, लेकिन धान की खेती शुरु होने में अभी लगभग दो तीन माह का समय बांकी है। ऐसे में किसान इस दो तीन महीने तक खेत को खाली छोड़ देते हैं। किसान गेहूं की खेती के बाद मूंग और उड़द की खेती कर सकते हैं। इस खेती में कम समय और लगात में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। मूंग और उड़द एक ऐसी फसल है जो गेहूं के कटने के बाद खाली खेतों में यदि लगा दिया जाए तो धान की खेती से पहले ही फसल तैयार हो जाती है। इससे किसानों अच्छी आमदनी के साथ खेतों को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन भी मिल जाता है। खास बात यह है मूंग की फसल लगाने में लगात भी कम आती है। इस संबंध में बीएओ दीपेश साह ने बताया कि मूंग एक अल्...