मऊ, जनवरी 12 -- पहसा, हिन्दुस्तान संवाद। कृषि विज्ञान केन्द्र पिलखी के वैज्ञानिक डा.विनय कुमार सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल में अच्छी पैदावार लेने के लिए खरपतवारों के लिए सुरक्षित शाकनाशी एवं कीड़ों से बचाने के लिए रासायनिक दवाओं का समय-समय पर प्रयोग करके अधिक से अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। वैज्ञानिक डा.अंगद प्रसाद ने गेहूं की फसल में खरपतवारों से बचाव के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव की जानकारी देते हुए बताया कि बोआई के बाद 25 से 30 दिन की अवस्था पर खरपतवारों को नियंत्रण करना आवश्यक है। गेहूं की फसल में संकरी पत्ती वाले खरपतवार गेहूंसा व जंगली जई उगते हैं, जबकि चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार बथुआ, कृष्ण नील, सेनजी, हिरनखुरी, जंगली मटर, प्याजी, सत्यानाशी, चटरी मटरी, अकरा अकरी आदि भी उगते हैं। ऐसे में इन खर पतवार को जड़ से समाप्त करने के लिए दवाओं का छिड़...