झांसी, मई 30 -- झांसी। गेरुआ वस्त्र पहन लेने से कोई साधु नहीं बन जाता। साधु का आचरण भी साधुओं जैसा होना चाहिए। यह बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को कही। वे गाय को राष्ट्र माता घोषित कराने के अभियान पर झांसी पहुंचे थे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस दौरान मीडियाकर्मियों से भी बात की। धीरेन्द्र शास्त्री के दरबार, गौ संरक्षण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यशैली पर खुलकर अपनी राय रखते हुए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जो लोग भविष्य बताने का दावा करते हैं, उन्हें देश और समाज के कल्याण के लिए उसका उपयोग करना चाहिए। यह भी पढ़ें- गोशालाओं में पशु की हालत बेहद खराब : शंकराचार्य गौ संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा...