मैनपुरी, मार्च 16 -- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित ज्ञान प्रवाह 2026 व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत एक विशेष कीनोट सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. डीके चतुर्वेदी (दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा) ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं से रूबरू कराया। प्रो. चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में कृषि, विनिर्माण, एयरोस्पेस और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई आधारित तकनीकें गेम-चेंजर साबित हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एआई आधारित प्रोटोटाइप रोगों के सटीक निदान और स्वास्थ्य निगरानी को सुगम बना रहे हैं। इससे न केवल कार्यों की दक्षता बढ़ी है, बल्कि सटीकता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। व्याख्यान का मुख्य आकर...