शाहजहांपुर, जून 1 -- ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली लगातार सामने आ रही है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था सुधारने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा। गढ़िया रंगीन पीएचसी में कुछ दिन पहले अस्पताल गेट पर प्रसव की घटना के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। सोमवार को मिर्जापुर ब्लॉक के जरियनपुर सीएचसी में ओपीडी शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ा। मिर्जापुर विकासखंड की 55 ग्राम पंचायतों की बड़ी आबादी के लिए जरियनपुर सीएचसी ही प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहां सुबह आठ बजे से ओपीडी शुरू होनी थी, लेकिन सोमवार को साढ़े नौ बजे तक अधीक्षक समेत सभी डॉक्टरों के कमरे बंद मिले। अस्पताल में केवल एक फार्मासिस्ट मौजूद था, जबकि मरीज इलाज और परामर्श के लिए डॉक्टरों का इंतजार करते रहे。 यह भी पढ़ें...