कानपुर, सितम्बर 2 -- इस वर्ष द्वापर युग की तरह जन्माष्टमी पर विशेष संयोग बन रहा है। रोहिणी नक्षत्र हर्षण योग अष्टमी तिथि चंद्रमा और गुरु उच्च के होने से इस बार दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग माना जा रहा है। इस साल गृहस्थ व वैष्णव एक ही दिन जन्माष्टमी मनाएंगे। चार सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य योगेश अवस्थी ने बताया कि इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी चार सितंबर को मनाई जाएगी। विशेष बात यह है कि इस वर्ष गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय के लोग एक ही दिन जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे l वह बताते हैं कि इस बार द्वापर युग की तरह संयोग बन है। यह अत्यंत शुभ संयोग है l ज्योतिषाचार्य पंडित पवन तिवारी बताते हैं कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार भी ऐसा ही संयोग बन रहा है। रामानं...