नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- हिंदू धर्म में रसोई को मां अन्नपूर्णा का मंदिर माना जाता है। यहां बनने वाला हर निवाला सिर्फ भोजन नहीं, प्रसाद होता है। इसलिए रोटी बनाते समय शुद्धता और नियमों का पालन बहुत जरूरी है। हमारे शास्त्रों और वास्तु में साफ लिखा है कि बासी गूंथा हुआ आटा इस्तेमाल करना अशुभ होता है।बासी आटे में तामसिक ऊर्जा रात में गूंथा आटा सुबह तक बासी हो जाता है। इसमें खमीर उठता है और तामसिक गुण बढ़ जाता है। गरुड़ पुराण और धर्मसिंधु में लिखा है कि बासी भोजन ग्रहण करने से मन में नकारात्मकता, आलस्य और क्रोध बढ़ता है। जब हम बासी आटे की रोटी खाते हैं, तो यह तामसिक ऊर्जा हमारे शरीर और मन में प्रवेश कर जाती है। घर का वातावरण भारी हो जाता है और मां अन्नपूर्णा रुष्ट हो जाती हैं।मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा हो जाती हैं नाराज वास्तु और धर्म ग्रंथों में स...
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