लखनऊ, जनवरी 13 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता मशहूर इंकलाबी शायर इप्टा के पूर्व अध्यक्ष कैफी आजमी की 107 वीं जयंती पर इप्टा और प्रलेस की ओर से याद ए कैफी मुशायरा एवं कवि सम्मेलन हुआ। बलराज साहनी सभागार में हुए मुशायरे में शायरों ने अपने कलामों से कैफी को याद किया। मुशायरे की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर ओम प्रकाश नदीम ने की। मुशायरे में शायर ताज रिजवी ने आंख में है गुबार भी तुम भी , छूट गया कूए यार भी तुम भी से सुनने वालों की तालियां अपने नाम की। शायर मनीष शुक्ला ने हमारी जान के दुश्मन ने हमने और रब ने, हमारी चीख सुनी सिर्फ तीन लोगों ने, शायरा हिना रिजवी हैदर ने हज़ार बार वफा को मिला फरेबो वफा , हजार बार ये रस्मे वफा निभाई गई, शायरा मालविका हरिओम गलत को बोलना गलत कोई गुनाह नहीं, न जाने डर क्यों सबको बेहिसाब लगता है कलाम से सच बोलने वालों को हिम्मत द...