वाराणसी, मार्च 22 -- वाराणसी। कला प्रकाश और बनारस बीड्स लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में रविवार शाम रवींद्रपुरी स्थित नीलांबर परिसर में गुलाबबाड़ी का आयोजन किया गया। गुलाब की पंखुड़ियों से सुसज्जित प्रांगण में सफेद-गुलाबी परिधानों में सजे-संवरे पुरुष-महिला श्रोता उपस्थित रहीं। मुख्य आकर्षण मिर्जापुर की लोकगायिका पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव का गायन रहा। उन्होंने पारंपरिक होरी और चैती गायन से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने गायन की शुरुआत चैती ठुमरी 'सुगना बोले हमरी अंटरिया हो रामा' से की। यह राग मिश्र बिलावल में निबद्ध थी। बानगी पेश करते हुए उन्होंने 'सूतल सइयां के जगावे हो रामा' के सुर लगाए तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने उनके ऊपर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। लोकगायिका ने राग मिश्र काफी में निबद्ध होरी ठुमरी 'उड़त अबीर-गुलाल, लाली छाई...