बिजनौर, जुलाई 22 -- जिले में गुलदार के बढ़ते आतंक के बीच कुछ लोग निजी रंजिश और पारिवारिक विवाद छिपाने के लिए हत्या को गुलदार के हमले का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले करीब एक वर्ष में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें शुरुआती दावा गुलदार के हमले का किया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में हत्या का खुलासा हुआ। पिछले करीब एक वर्ष के दौरान थाना किरतपुर, नांगलसोती और हीमपुर दीपा में हत्यारों ने अपनी रंजिश निकालने के लिए खून से हाथ रंगे। हत्यारों ने अपना गुनाह छिपाने के लिए इसे गुलदार के आतंक से जोड़कर बचने की कोशिश की। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनके गुनाह को बेनकाब कर दिया और बेजुबान जानवर इल्जाम से बरी हो गया। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुलदार के आतंक की आड़ लेकर अपराध छिपाने की कोशिश की जा रही...