जौनपुर, फरवरी 20 -- सतहरिया, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के मुंगराबादशाहपुर स्थित साहबगंज स्थित शिव मंदिर परिसर में गुरुवार की देर शाम धार्मिक प्रवचन आयोजित की गई। इस इस दौरान आचार्य पंडित सिद्धार्थ त्रिपाठी ने गुरु महिमा का वर्णन किया। कहा कि गुरु बिना ज्ञान संभव नहीं है और ज्ञान प्राप्ति के लिए स्वयं भगवान राम और भगवान कृष्ण को भी गुरु की शरण लेनी पड़ी थी। गुरु साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि ब्रह्मज्ञानी और ईश्वर के प्रतिनिधि स्वरूप होते हैं। जो शिष्य प्रेम, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण भाव से गुरु का सम्मान करते हैं, वही उनके वास्तविक स्वरूप को समझ पाते हैं। आचार्य ने उदाहरण देते हुए बताया कि संत सूरदास के पास नेत्र नहीं थे, फिर भी उनके हृदय में भक्ति और समर्पण होने से वे प्रतिदिन अपने अंतर्मन में भगवान का दर्शन करते थे। वहीं दुर्योधन जैसे पात्र ...
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