नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति को विशेष स्थान प्राप्त है। आम तौर पर गुरु एक साल में एक बार राशि बदलते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इस साल गुरु दो बार गोचर करेंगे, जो अपने आप में बड़ा बदलाव माना जाता है। ज्योतिष गणना के मुताबिक, 2 जून 2026 को गुरु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि को गुरु की उच्च राशि माना जाता है, यानी यहां उनका प्रभाव सबसे ज्यादा मजबूत रहता है। इसके बाद 31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में चले जाएंगे। इस बीच चंद्रमा के साथ मिलकर गजकेसरी राजयोग भी बनेगा, जिसे काफी शुभ माना जाता है।क्यों अहम है यह गोचर गुरु को ज्ञान, धन, करियर और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु मजबूत स्थिति में आते हैं, तो इसका असर सीधे जीवन के बड़े फैसलों और मौके पर पड़ता है। कर्क राशि में गुरु का आना इसी वजह से खास माना ज...