नई दिल्ली, अगस्त 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गांव की साझा भूमि की अहमियत को हाई लाइट करते हुए गुरुग्राम में 436 बीघा से अधिक भूमि का मालिकाना हक ग्राम पंचायत को वापस दे दिया। शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2007 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें संबंधित भूमि पर निजी मालिकाना हक के दावों को स्वीकार कर लिया गया था।भूमि को 'नया सोना' जस्टिस संजय कुमार और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि भूमि को 'नया सोना' माना जाता है, खासकर तब, जब ऐसी भूमि गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहरी इलाकों के पास हो। सुप्रीम कोर्ट ने 85 पन्नों के फैसले में कहा है कि विवादित भूमि हरियाणा कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1961 के तहत गांव की साझा भूमि थी।हाईकोर्ट का फैसला रद्द पीठ ने हाईकोर्ट के 2007 के फैसले को रद्द कर दिया। पीठ ने अपने फ...