गुड़गांव, अगस्त 25 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। मोबाइल पर दिनभर आने वाली सूचनाओं के बीच कोई जरूरी आपातकालीन संदेश भी सामान्य सूचना की तरह नजरअंदाज हो जाए तो मुश्किल बढ़ सकती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम की दो युवा छात्राएं ऐसा समाधान तैयार कर रही हैं, जिससे आपातकालीन सूचनाओं को बाकी संदेशों से अलग और अधिक स्पष्ट तरीके से पहचाना जा सके। दूसरी ओर सोनीपत के दो युवा कृषि से निकलने वाले अपशिष्ट में प्रोटीन के संभावित स्रोत की तलाश कर रहे हैं। हरियाणा के इन चार युवाओं के इनोवेटिव विचारों ने उन्हें सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के राष्ट्रीय टॉप-40 में जगह दिलाई है। यह भी पढ़ें- हैकाथॉन में छात्रों ने पेश किए नवाचारपूर्ण समाधान गुरुग्राम की 19 वर्षीय निक्की यादव और 18 वर्षीय प्रियंका यादव का विचार मोबाइल पर आने वाली आपातकालीन सूचनाओं को...