लोहरदगा, अगस्त 31 -- लोहरदगा, दीपक मुखर्जी। झारखंड के लोहरदगा जिला मुख्यालय शहर के उत्तरी छोर में स्थित प्राचीन गुरुकुल शांति आश्रम लगभग 95 सालों से संचालित है। यहां से कई जनजातीय बच्चे संस्कृत के माध्यम से अपनी संस्कृति को बचाने का काम कर रहे हैं। साथ ही संस्कृत को रोजगार सृजन का माध्यम भी बना रहें है। गुरुकुल शांति आश्रम 1931 से संचालित है। वर्तमान में यहां 75 जनजातीय बच्चे वेद की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संस्कृत को न केवल आत्मासात कर रहे हैं, बल्कि इसका व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी कर रहे हैं।

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