वाराणसी, मार्च 19 -- वाराणसी। काशी में सांस्कृतिक संवर्द्धन के साथ ही गुरुकुल पद्धति से प्रदर्श कला प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी शुरुआत गुरुवार को नगवा स्थित रविदास पार्क में हुई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की संकल्पना को सुबह-ए-बनारस आनंद कानन ने आनंद कानन कला गुरुकुल के नाम से मूर्त रूप दिया गया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के संरक्षण में संचालित होने वाले गुरुकुल का उद्देश्य प्रदर्श कलाओं का प्रशिक्षण देना है। इसके साथ ही प्रशिक्षित कलाकारों को मंच प्रदान करना भी है। नव संवत्सर की प्रथम संध्या में प्रशिक्षण का शुभारंभ भरतनाट्यम विधा से हुआ। नृत्यगुरु डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने प्रशिक्षित किया। इससे पहले अकादमी पुरस्कार के लिए चयनित पं. जवाहर लाल और उनके साथियों ने शहनाई की मंगलध्वनि की। 'गंगा द्वारे बधइया बाजे' की धुन के वादन के समय कलाकार वृं...