मुरादाबाद, मई 9 -- छोटी उम्र में पिता का साथ छूट गया। मां ने गुरबत में दिन काटे। नौकरी के लिए दर-दर भटकीं। उसके बाद अपने को जीवन के पथरीले रास्तों पर चलने लायक बनाया। पिता के साये से वंचित बेटियों को शिक्षित किया। दोनों को क्रमश: एमटेक और एमसीए की डिग्री दिलाई। एक बेटी रेलवे मुख्यालय स्थित विभागीय बैंक में सेवा कर रही है तो दूसरी अमेरिका में नौकरी कर रही है। यह किरदार रेलवे की सेवानिवृत्त हित निरीक्षक प्रवीणा सिंह का है। प्रवीणा के पति का साल 2003 में आकस्मिक निधन हो गया। वह यहां रेलवे के कैरेज एंड वैगन विभाग में एसएसई थे। यह भी पढ़ें- टाटा स्टील में डंपर ऑपरेटर बनकर वेस्ट बोकारो की बेटी नीलम मिश्रा ने पेश की मिसाल पति की मौत के बाद प्रवीणा की जिंदगी ने बड़ी परीक्षा ली। साल 2004 में अनुकंपा की नौकरी के बाद प्रवीणा ने बेटी अनुष्का और हंसिक...