गुमला, फरवरी 26 -- गुमला, संवाददाता । जिले में जिला प्रशासन द्वारा विकसित समग्र एवं सतत आजीविका मॉडल अब प्रबंधन संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन का केंद्र बन गया है। ग्रामीण आय वृद्धि, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता संवर्द्धन और कुपोषण उन्मूलन को एकीकृत दृष्टिकोण से जोड़कर गुमला में बहुआयामी आजीविका पहल संचालित की जा रही हैं। जो अब शैक्षणिक शोध का विषय बन रही हैं। जिला प्रशासन के नेतृत्व में स्थापित रागी प्रोसेसिंग यूनिट इस मॉडल की प्रमुख कड़ी है। इसके तहत किसानों को मिलेट (रागी) की खेती के लिए प्रोत्साहन, प्रशिक्षण, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित की गई है। इससे जहां किसानों की आय बढ़ी है। वहीं ग्रामीण महिलाओं को प्रोसेसिंग यूनिट और विपणन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर भी मिले हैं। रागी आधारित उत्पादों ...