नई दिल्ली, नवम्बर 23 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने पुलिस की गुमराह करने वाली रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है। विशेष न्यायाधीश गजेंद्र सिंह नागर की अदालत ने ज्योति नगर थाना पुलिस को एक कथित डकैती और अवैध हिरासत के मामले में तीन दिन के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश अर्चना गर्ग द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया। अर्चना के अधिवक्ता केडी सोनी ने बताया कि मामला अर्चना के पति देवेश गर्ग से जुड़ा है। उन्होंने अभय राणा नामक व्यक्ति से 20 हजार रुपये लिया था। आरोप है कि 12 हजार रुपये चुका देने के बाद भी तीन मई 2025 को देवेश को जबरन राणा के कार्यालय ले जाया गया, जहां उन्हें लगभग पांच घंटे तक अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया और 45 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गय...