मेरठ, मई 11 -- गुमनाम क्रांतिकारियों को सामने लाते हुए जन-जन तक पहुंचाना सच्ची श्रद्धांजलि है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में ऐसे अनेक क्रांतिकारी हैं, जो इतिहास में सामने नहीं आ पाए। सीसीएसयू कैंपस में इतिहास विभाग और स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा संस्थान हापुड़ द्वारा 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में एनसीआर के पांच गांव : कुम्हैडा, खिन्दोड़ा, भनेड़ा, सुहाना एवं ग्यासपुर का ऐतिहासिक अवलोकन विषय पर हुई गोष्ठी में यह बात पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा ने कही। गोष्ठी में इन पांचों गांवों से क्रांतिकारियों के वंशजों को भी सम्मानित किया गया। यह भी पढ़ें- मानवता के ध्वजवाहक थे रवीन्द्रनाथ टैगोर और महाराणा प्रताप1857 के क्रांतिकारियों का इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो.कृष्णकांत शर्मा ने 1857 की क्रांति की शुरुआत से लेकर क्रांतिकारियों के दिल्ली ...