मुरादाबाद, जुलाई 13 -- बुधवार सुबह घट स्थापना के साथ ही गुप्त नवरात्र आरंभ हो जाएंगे। इन्हें तंत्र साधना, गुप्त विद्याओं और आंतरिक आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए समर्पित माना जाता है। इन दिनों सार्वजनिक उत्सवों के स्थान पर पूजा आदि को गुप्त रखा जाता है। इसीलिए इन्हें गुप्त नवरात्र कहा जाता है। इनमें मां दुर्गा की सभी दस महाविद्याओं की विशेष आराधना की जाती है। पंडित उद्धव राज पंत ने बताया यह नवरात्र तंत्र क्रियाएं करने वालों के लिए अति महत्वपूर्ण माने गए हैं। यह भी पढ़ें- Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर इस बार बन रहा महासंयोग, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

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