कुशीनगर, फरवरी 25 -- पडरौना, निज संवाददाता। गुणवत्ता युक्त नवाचार और शोध ही दुनिया के समक्ष हमारी पहचान स्थापित कर सकते हैं। हमें निरंतर नवाचार करते हुए अपने कार्यों को पेटेंट का रूप देने का प्रयास करना चाहिए, तभी विकसित भारत की संकल्पना साकार होगी। महाविद्यालय स्तर पर इस महत्वपूर्ण विषय पर कार्यक्रम का आयोजन इस बात का संकेत है कि उच्च शिक्षा संस्थान शोध, नवाचार और पेटेंट के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। ये बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कही। वह मंगलवार को शहर के उदित नारायण पीजी कॉलेज के पुस्तकालय सभागार में आयोजित 'बौद्धिक संपदा अधिकार' जागरूकता कार्यक्रम एवं सिम्पोजियम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने मौलिक विचारों को संरक्षित करने ...
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