गुणवत्ता पर खरा उतरने के बाद ही अस्पताल बनेंगे 'आयुष्मान'
बागपत, मई 31 -- बागपत। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों को अब निजी अस्पतालों में अधिक गुणवत्तापूर्ण और मानक आधारित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। शासन ने निजी अस्पतालों के लिए एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) की मान्यता अनिवार्य कर दी है। नए नियम के अनुसार अब वही निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में संबद्ध हो सकेंगे, जिनके पास एनएबीएच का प्रमाणपत्र होगा। एनएबीएच प्रमाणन अस्पतालों की चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, आपातकालीन व्यवस्थाओं, प्रशिक्षित स्टाफ और उपचार की गुणवत्ता के आधार पर दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के अंतर्गत कार्य करने वाली संस्था जारी करती है। शासन का मानना है कि इससे आयुष्मान योजना में शामिल अस्पतालों की जवाबदेही बढ़ने के साथ मरीजो...
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