सीवान, जून 13 -- गुठनी, एक संवाददाता। मानसून की दस्तक के साथ प्रखंड क्षेत्र में धान की खेती की तैयारियां तेज हो गई हैं। लेकिन इस वर्ष किसानों के सामने बिचड़ा डालने से लेकर खेत तैयार करने तक आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं। डीजल, खाद, बीज और कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली अन्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

धान की खेती के क्षेत्र कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुठनी, दरौली व आंदर प्रखंड में लगभग 4562 एकड़ भूमि पर धान की खेती की जाती है। जून माह में किसान बिचड़ा डालने और खेतों की तैयारी में जुट जाते हैं ताकि समय पर रोपाई का कार्य पूरा किया जा सके। हालांकि, इस बार खेती की शुरुआत...