नई दिल्ली, मई 27 -- गुजरात सरकार ने राज्य की सहकारी चीनी संस्थाओं और गन्ना किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए वर्ष 2007-08 से 2014-15 के दौरान किसानों को किए गए गन्ना मूल्य भुगतान को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। कृषि एवं सहकारिता मंत्री जीतुभाई वघाणी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले से राज्य की सहकारी चीनी संस्थाओं पर लगभग Rs 1,500 करोड़ का संभावित वित्तीय बोझ कम होगा और दो लाख से अधिक गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वघाणी ने बताया कि गुजरात की सहकारी चीनी मिलें केंद्र सरकार द्वारा तय एफआरपी (फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस) के अलावा मोलासेस, एथेनॉल और को-जनरेशन बिजली उत्पादन जैसे उप-उत्पादों से होने वाली आय का लाभ भी किसानों को देती रही हैं। इसी कारण गुजरात के किसानों को...