गांधीनगर, सितम्बर 11 -- गुजरात विधानसभा में शुक्रवार को सर्वसम्मति से तीन विधेयक पारित किए गए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में गुजरात किराया विधेयक 2026 है, जो कि अबतक प्रदेश में लागू गुजरात किराया, होटल और लॉजिंग हाउस रेट नियंत्रण अधिनियम, 1947 की जगह लेगा। इसका उद्देश्य मकान मालिकों और किरायेदारों के अधिकारों तथा जिम्मेदारियों के बीच संतुलन कायम करना है। नए बिल के अनुसार किराया वही होगा जो समझौते में लिखा होगा। साथ ही नए प्रस्तावित कानून के अनुसार, सिक्योरिटी डिपॉजिट तीन महीने के किराए से ज्यादा नहीं हो सकेगा और किराएदार द्वारा जगह खाली करने के एक महीने के भीतर कानूनी कटौती के बाद, इसे वापस करना होगा। शहरी विकास मंत्री कनुभाई देसाई द्वारा पेश किया गया 'गुजरात किराया विधेयक' किराए पर दी जाने वाली जगहों को रेगुलेट करने और मकान मालिकों व किराए...