गीता भारतीय ज्ञान परंपरा का बीज कोष : डॉ. अमर
दरभंगा, सितम्बर 30 -- दरभंगा, नगर संवाददाता। लनामिवि के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग में बुधवार को श्रीमद्भगवद्गीता में भारतीय ज्ञान परम्परा के बीज तत्त्व विषय पर एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रुद्रकांत अमर ने श्रीमद्भगवद्गीता में निहित भारतीय ज्ञान परम्परा के बीज तत्त्वों पर क्रमबद्ध एवं गहन विवेचन प्रस्तुत किया। यह भी पढ़ें- प्राचीन विद्या से जुड़ी हैं भारतीय राजनीति की जड़ें : डॉ. कृष्णकांतव्याख्यान की विशेषताएं उन्होंने आत्मा की नित्यता, स्थितप्रज्ञता, निष्काम कर्म, ज्ञान-कर्म-भक्ति का समन्वय, समत्व-योग इत्यादि बीज तत्त्वों पर विशेष प्रकाश डाला। कहा कि गीता किसी एक दर्शन की पुस्तक नहीं, भारतीय ज्ञान परम्परा का बीज-कोष है। इसमें उपनिषदों की आत्मविद्या, सांख्य का तत्त्वविवेक, योग की समत्व-दृष्टि औ...
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