लखनऊ, जून 18 -- गीता का आध्यात्मिक के साथ भौतिक जीवन में भी विशेष महत्व है। क्योंकि हमारा भौतिक जीवन हमारे आध्यात्मिक जीवन का प्रतिररूप ही है l दयानंद इंटर कॉलेज में श्रीमद् भगवत गीता वैदिक न्यास द्वारा आयोजित श्री गीतानुरागी संगोष्ठी में गुरुवार को श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु यह बात कही। जीवन में गीता के महत्व पर विचार रखते हुए प्रभु जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत गीता हमें बताती है कि मैं कौन हूं, भगवान कौन है, भगवान से हमारा क्या संबंध है, हम शरीर नहीं आत्मा हैं l अंत में प्रभु जी ने सभी से गुरु के माध्यम से गीता पढ़कर अपने मनुष्य जीवन के वास्तविक उद्देश्य को जानने का अनुरोध किया।

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