नई दिल्ली, अप्रैल 26 -- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था छठे स्थान पर खिसक गई है। वैश्विक अस्थिरता और ईरान युद्ध के बीच यह भारत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कुछ समय पहले तक यह चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था थी, लेकिन अब इसकी हैसियत घटती जा रही है। यह स्थिति चिंताजनक है और भारत की आर्थिक नीतियों पर प्रश्नचिह्न लगाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि रैंकिंग में गिरावट का कारण डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव है, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। सरकार ने अमेरिकी टैरिफ वार के चलते कई नीतिगत कदम उठाए हैं। अब भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा भी बढ़ता जा रहा है। जल्द ही अमेरिका के साथ व्यापार-वार्ता शुरू होने वाली है, जिससे कुछ सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है, लेकिन संकेत यही बताते हैं कि वित्त वर्ष...