लखनऊ, अप्रैल 1 -- विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया कोर्ट ने सवाल पूछने पर दरोगा की बोलती बंद, पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई का आदेशलखनऊ, विधि संवाददातागैंगस्टर के आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताए बगैर न्यायिक अभिरक्षा मांगने पहुंची निगोहां थाने की पुलिस खुद मुश्किल में फंस गई। विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल की अदालत ने दरोगा से इतने सवाल पूछे कि बोलती बंद हो गई। कोर्ट ने पुलिस की न्यायिक रिमांड अर्जी खारिज कर दी और आरोपी को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने इसे लापरवाही मानते हुए विवेचक ब्रजेश कुमार त्रिपाठी तथा आरोपी को पेश करने वाले दरोगा धर्मेंद्र यादव के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है।न्यायिक रिमांड अर्जी के अनुसार विवेचक बृजेश कुमार त्रिपाठी ने गिरोह बंद अधिनियम (गैंगस्...