जमुई, मार्च 2 -- गिद्धौर । निज संवाददाता भारतवर्ष में आदि काल से ही आद्य शक्ति की उपासना युगों युगों से चली आ रही है। मां दुर्गा भी आद्य शक्ति स्वरूपा है। पौराणिक धर्म ग्रंथों में मां भगवती के कई रूप गुणों का ऋषि मुनियों द्वारा उनके देवत्व का वर्णन किया गया है। इन्हीं ऐतिहासिक कथाओं की कड़ी से जुड़ा है जिले के गिद्धौर प्रखंड के उलाय नदी तट पर स्थापित मां दुर्गा मंदिर जहां देवी उपासना का एक अद्वितीय उदाहरण देखने को यहां मिलता है। बताते चलें कि शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति द्वारा गिद्धौर के ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में मंगलवार एवं शनिवार को मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा भव्य संध्या आरती का आयोजन यहां किया जाता रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को मंदिर में आरती समिति के सदस्यों द्वारा संध्या आरती के शुभारंभ के नवें वर्षगांठ पर पूर्व मुखिया स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.