जमुई, फरवरी 10 -- गिद्धौर । निज संवाददाता गिद्धौर के ऐतिहासिक पंचमंदिर परिसर के समीप सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ श्रद्धा, भक्ति और आस्था के चरम पर पहुंच गया है। महायज्ञ के सातवें दिन रविवार की देर शाम रामकथा के दौरान भगवान श्रीराम के वनगमन और केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा परिसर जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से गूंजता रहा। श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा प्रवक्ता पंडित कृष्णकांत महाराज ने कथा में बताया कि अयोध्या में श्रीराम के राजतिलक की तैयारियां चल रही थीं। तभी माता कैकेई ने अपने पूर्व वचनों का स्मरण कराते हुए महाराज दशरथ से श्रीराम के लिए वनवास और भरत के लिए अयोध्या की राजगद्दी की मांग रख दी। वचनबद्ध होने के कारण महाराज दशरथ को यह कठोर निर्णय स्...