गिरडीह, मार्च 22 -- बसंत। गावां। राजपरिवार के सदस्य शार्दूल सिंह सिसोदिया द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर पर्वत शृंखलाओं के बीच बसा है गावां। वैसे संपूर्ण प्रखंड में कई धार्मिक धरोहर हैं। तथापि इनमें अव्वल है। गावां का आकर्षक व खूबसूरत कालीमन्डा इसका निर्माण स्व पुहकरण नारायण सिंह ने 18वीं सदी के पूर्वाध में कुशल कारीगरों से कराया था। माता का भवन तकरीबन 30 फीट ऊंचा और 70 फीट लंबा है। मण्डप के दीवारों के निर्माण के मिश्रण में बेल का गुदा, उड़द का पानी, गुड़, शंख का पानी आदि का प्रयोग हुआ था। फलस्वरूप दीवारें आज भी समतल, चिकनी व सभीचिन दिखती है। आरंभिक कालखण्ड में मण्डप के भवन के ऊपर घोड़े, हाथी, परियां आदि बनें थे। मण्डप के अंदर और बाहरी ऊपरी भागों में नयनामिराम नवकाशी आज भी विद्धवान है।क्यों शुरू हुई गावां में च...
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