बागपत, मई 2 -- रमाला। किशनपुर बराल गांव में शुक्रवार को ग्रामीणों ने नंदनी नामक गाय की तेरहवीं पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न की। हवन-यज्ञ के बाद प्रसाद वितरण किया। परिजन व ग्रामीणों के लिए भोज की व्यवस्था की गई। नंदनी को परिवार के सदस्य की तरह मानने वाले देवेन्द्र ने बताया कि करीब 17 वर्ष पहले वह नंदनी को रमाला से लाए थे। उनके पास 14 बछड़े और एक बछिया को जन्म दिया। परिवार के लिए वह केवल एक पशु नहीं, बल्कि माता के समान थी। घर में बनने वाली पहली रोटी हमेशा नंदनी को ही खिलाई जाती थी। तेरह दिन पहले नंदनी ने अपने ही घर में अंतिम सांस ली, जिसके बाद पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार अब उसी स्थान पर नंदनी की स्मृति में समाधि बनाने की तैयारी कर रहे है। परिजनों का कहना है कि नंदनी ने वर्षों तक सेवा की, जिसकी यादें हमेशा जीवित रह...