प्रयागराज, अक्टूबर 12 -- शिवगंगा आश्रम झूंसी में रविवार को गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा के संदर्भ में कहा कि भारत के सभी मनुष्य सुसंस्कृत, सुशिक्षित, संरक्षित, संपन्न, सेवा परायण, स्वास्थ्य और सर्वोपयोगी कार्य करें। हिंदुओं के अस्तित्व की रक्षा और देश की सुरक्षा व अखंडता के लिए कटिबंध हो। सभी घरों से प्रतिदिन एक रुपया और एक घंटे का समय हिंदू राष्ट्र हित के लिए निकलने लगे तो हिंदू राष्ट्र की अवधारणा साकार होने लगे। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने गाय और गंगा को भारत की आत्मा बताया। कहा कि कभी गाय व गंगा देश की संस्कृति और समृद्धि की पहचान थी। लोकतंत्र में दोनों को जहां और समृद्ध होना चाहिए, वहीं राजनेताओं की इच्छाशक्ति में कमी के कारण दोनों अपने अस्तित्व से जूझ रही हैं। भारत मे...