प्रयागराज, फरवरी 7 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजे से जुड़े एक मामले में स्पष्ट किया है कि किसी वाहन की बिक्री हो चुकी हो, लेकिन परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में पंजीकरण में पुराने मालिक का नाम ही दर्ज है तो दुर्घटना की स्थिति में वही पंजीकृत मालिक मुआवजे के भुगतान के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने दिया है। इसी के साथ कोर्ट ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए कर्मचारी मुआवजा आयुक्त के आदेश को बरकरार रखा। मामला 26 फरवरी 2015 को हुई सड़क दुर्घटना से संबंधित है, जिसमें कार चालक धरमवीर की मौत हो गई थी। कर्मचारी मुआवजा आयुक्त मुरादाबाद ने मृतक के परिजनों को 8,26,495 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इस आदेश को बीमा कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि वाहन के मूल मालिक ...
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