लखनऊ, मई 28 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विप्रो के चेयरमैन अज़ीम प्रेमजी और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने उनके विरुद्ध श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन को लेकर चल रहे एक आपराधिक मामले और मजिस्ट्रेट जारी समन को निरस्त कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जफीर अहमद की एकल पीठ ने अजीम प्रेमजी की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया। मूल मामला श्रम विभाग द्वारा दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विप्रो के गाजियाबाद स्थित कार्यालय में श्रम कानूनों का पालन नहीं किया गया। इसके आधार पर स्थानीय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अज़ीम प्रेमजी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ समन जारी किया था। यह भी पढ़ें- पेज-1 के लिए::बायजू रवींद्रन को सिंगापुर में छह माह जेल की सजा इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।न्यायालय ...